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टेस्टिकुलर कैंसर एक नज़र में

अंडकोष का कटा हुआ चित्र, जिसके अंदर ट्यूमर है
टेस्टिकुलर कैंसर अक्सर अंडकोष में बिना दर्द की गाँठ के रूप में दिखता है।

युवा पुरुष

सबसे ज़्यादा 15 से 40 साल की उम्र में।

ज़्यादातर ठीक हो जाता है

आधुनिक इलाज से कुल मिलाकर 95% से ज़्यादा मरीज़ ठीक हो जाते हैं।

खून के मार्कर

AFP, β-hCG और LDH जाँच और फ़ॉलो-अप में मदद करते हैं।

प्रजनन क्षमता बचाई जा सकती है

इलाज शुरू होने से पहले स्पर्म बैंकिंग पर बात की जाती है।

लक्षण और जोखिम के कारण

  • एक अंडकोष में बिना दर्द की गाँठ या सूजन
  • अंडकोष की थैली में भारीपन या खिंचाव
  • कम आम: पीठ दर्द, साँस फूलना या छाती (स्तन) में दर्द, जो हार्मोन के असर या फैलाव से हो सकता है

बचपन में अंडकोष का नीचे न उतरना, पहले हुआ टेस्टिकुलर कैंसर और परिवार में यह बीमारी होने से ख़तरा बढ़ता है। ज़्यादातर गाँठें कैंसर नहीं निकलतीं, लेकिन अंडकोष के अंदर की गाँठ का बिना देर किए अल्ट्रासाउंड कराना चाहिए। नियमित ख़ुद जाँच (गाइड अंग्रेज़ी में) से बीमारी जल्दी पकड़ में आती है।

जाँच और स्टेजिंग

अंडकोष का अल्ट्रासाउंड बताता है कि गाँठ अंडकोष के अंदर है या नहीं। खून में ट्यूमर मार्कर (AFP, β-hCG और LDH) सर्जरी से पहले और बाद में जाँचे जाते हैं, ताकि पक्का हो कि वे उम्मीद के अनुसार गिर रहे हैं। पेट, पेल्विस और छाती का CT स्कैन पेट के पीछे के लिम्फ नोड्स और फेफड़ों की जाँच करता है, जहाँ यह आमतौर पर फैलता है।

अंडकोष की थैली से सुई वाली बायोप्सी नहीं की जाती क्योंकि इससे कैंसर कोशिकाएँ फैल सकती हैं; बीमारी की पुष्टि जाँघ के जोड़ (ग्रोइन) से अंडकोष निकालकर की जाती है।

सेमिनोमा और नॉन-सेमिनोमा

सेमिनोमा

आमतौर पर धीरे बढ़ता है और कीमोथेरेपी व रेडिएशन पर बहुत अच्छा असर होता है। शुद्ध सेमिनोमा में AFP नहीं बढ़ता।

नॉन-सेमिनोमा

इसमें एम्ब्रियोनल कार्सिनोमा, योक सैक ट्यूमर, कोरियोकार्सिनोमा और टेराटोमा आते हैं, जो अक्सर मिले-जुले होते हैं। टेराटोमा पर कीमोथेरेपी असर नहीं करती और उसमें सर्जरी की ज़रूरत पड़ सकती है।

स्टेज के अनुसार इलाज

रेडिकल इंग्वाइनल ऑर्किएक्टॉमी

प्रभावित अंडकोष को जाँघ के जोड़ पर छोटे चीरे से निकाला जाता है। हर मामले में यही पहला कदम है, और चाहें तो उसी ऑपरेशन में कृत्रिम अंडकोष (प्रोस्थेसिस) लगाया जा सकता है।

स्टेज I

ज़्यादातर पुरुषों में आगे इलाज की बजाय निगरानी, नियमित मार्कर और स्कैन से काम चल जाता है। जोखिम के संकेत हों तो कीमोथेरेपी के एक या दो चक्र दिए जा सकते हैं।

फैली हुई बीमारी

कीमोथेरेपी की योजना मेडिकल ऑन्कोलॉजी के साथ IGCCCG प्रोग्नॉस्टिक ग्रुप के अनुसार बनती है। कीमोथेरेपी के बाद बची गाँठें, ख़ासकर नॉन-सेमिनोमा में, रेट्रोपेरिटोनियल लिम्फ नोड डिसेक्शन (RPLND) से निकाली जाती हैं।

प्रजनन क्षमता और हार्मोन

ऑर्किएक्टॉमी से पहले और किसी भी कीमोथेरेपी या रेडिएशन से पहले स्पर्म बैंकिंग का विकल्प दिया जाता है। एक स्वस्थ अंडकोष वाले ज़्यादातर पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन और प्रजनन क्षमता सामान्य रहती है, और फ़ॉलो-अप में हार्मोन की जाँच होती है।

फ़ॉलो-अप

मार्कर और स्कैन एक तय शेड्यूल से होते हैं, जो पहले दो सालों में सबसे ज़्यादा होते हैं, क्योंकि बीमारी लौटने की संभावना तभी सबसे ज़्यादा होती है। ज़्यादातर मरीज़ युवा होते हैं, इसलिए जहाँ सुरक्षित हो, CT स्कैन से होने वाले रेडिएशन को कम रखने के हिसाब से शेड्यूल बनाया जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या अंडकोष की हर गाँठ कैंसर होती है?

नहीं। सिस्ट, पानी भरना (हाइड्रोसील) और एपिडिडिमिस का इन्फ़ेक्शन आम कारण हैं। अल्ट्रासाउंड से जल्दी फ़र्क़ पता चल जाता है; अंडकोष के अंदर की गाँठ पर तुरंत ध्यान देना चाहिए।

क्या एक अंडकोष निकालने से यौन क्षमता पर असर पड़ेगा?

आमतौर पर नहीं। बचा हुआ अंडकोष सामान्य यौन क्षमता और प्रजनन के लिए पर्याप्त टेस्टोस्टेरोन बनाता है।

पहले बायोप्सी क्यों नहीं की जाती?

अंडकोष की थैली से सुई वाली बायोप्सी से कैंसर कोशिकाएँ फैलने का ख़तरा होता है। जाँघ के जोड़ से अंडकोष निकालना ही जाँच भी है और पहला इलाज भी।

क्या सभी मरीज़ों को कीमोथेरेपी चाहिए?

नहीं। स्टेज I वाले कई पुरुषों में ऑर्किएक्टॉमी के बाद सिर्फ़ निगरानी काफ़ी होती है।

ख़ुद जाँच कितनी बार करनी चाहिए?

महीने में एक बार, गर्म पानी से नहाने के बाद, ताकि आपको पता रहे कि आपके लिए सामान्य क्या है और बदलाव जल्दी दिखे।

क्या टेस्टिकुलर कैंसर दोबारा हो सकता है?

हो सकता है, ज़्यादातर पहले दो सालों में, इसीलिए फ़ॉलो-अप व्यवस्थित तरीके से होता है। दोबारा होने पर भी आमतौर पर यह ठीक हो जाता है।

मरीज़ों के टूल

अपनी रिपोर्ट समझें

जल्दी पहचान के लिए हर महीने ख़ुद जाँच की गाइड, और फैले हुए टेस्टिकुलर कैंसर में इस्तेमाल होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रोग्नॉस्टिक ग्रुपिंग। ये टूल अभी अंग्रेज़ी में हैं।

गाँठ या सूजन महसूस हुई है?

अंडकोष की किसी भी गाँठ की जल्दी जाँच की सलाह दी जाती है। क्लिनिक में मिलें या वीडियो परामर्श के लिए रिपोर्ट भेजें।

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