डॉ. अंशुमान सिंह
यूरोलॉजिकल कैंसर का विशेषज्ञ इलाज
प्रोस्टेट, किडनी, ब्लैडर (मूत्राशय), अंडकोष और लिंग के कैंसर का प्रमाण-आधारित इलाज, जिसमें मरीज़ की ज़रूरत सबसे पहले है। जटिल मामलों में रोबोटिक सर्जरी। लखनऊ में क्लिनिक आकर या वीडियो कॉल से परामर्श लें।
- M.S., M.Ch. यूरोलॉजी (गोल्ड मेडलिस्ट)
- यूरो-ऑन्कोलॉजी और रोबोटिक सर्जरी में फ़ेलोशिप, मेदांता
- EAU-मान्यता प्राप्त विज़िटिंग फ़ेलोशिप, फ़ुंडासियो पुइगवर्ट, बार्सिलोना
- क्लिनिकल ऑब्ज़र्वरशिप, रोबोटिक यूरो-ऑन्कोलॉजी, यूनिवर्सिटी कॉलेज हॉस्पिटल्स, लंदन
- प्रैक्टिस पूरी तरह यूरोलॉजिकल कैंसर पर केंद्रित
किन बीमारियों का इलाज होता है
डॉ. अंशुमान सिंह मूत्र-मार्ग और पुरुष प्रजनन अंगों के कैंसर का इलाज करते हैं, पहली जाँच से लेकर लंबे फ़ॉलो-अप तक।
- किडनी और अपर ट्रैक्ट कैंसरपार्शियल और रेडिकल नेफ्रेक्टॉमी
- ब्लैडर (मूत्राशय) कैंसरTURBT, BCG, सिस्टेक्टॉमी
- प्रोस्टेट कैंसरPSA, MRI, रोबोटिक प्रोस्टेटेक्टॉमी
- रोबोटिक सर्जरीजटिल मामलों में ज़्यादा सटीकता
- पेनाइल (लिंग) कैंसरअंग बचाने वाली सर्जरी
- टेस्टिकुलर (अंडकोष) कैंसरजल्दी पहचान, ठीक होने की ज़्यादा संभावना
- रेट्रोपेरिटोनियल ट्यूमरअंग और नसें बचाते हुए सर्जरी
सीधे विशेषज्ञ से परामर्श
हर परामर्श ख़ुद डॉ. अंशुमान सिंह करते हैं, चाहे आप लखनऊ में क्लिनिक आएँ या वीडियो कॉल से जुड़ें।
डॉ. अंशुमान सिंह
डॉ. सिंह ने M.S. और M.Ch. स्तर पर यूरोलॉजी की पढ़ाई गोल्ड मेडल के साथ पूरी की। इसके बाद उन्होंने भारत और स्पेन में यूरो-ऑन्कोलॉजी और रोबोटिक सर्जरी में फ़ेलोशिप की, और यूनिवर्सिटी कॉलेज हॉस्पिटल्स, लंदन में रोबोटिक यूरो-ऑन्कोलॉजी की क्लिनिकल ऑब्ज़र्वरशिप पूरी की। दस साल से ज़्यादा का सर्जिकल अनुभव अब पूरी तरह यूरोलॉजिकल कैंसर पर केंद्रित है।
यूरो-ऑन्कोलॉजिस्ट से ही इलाज क्यों?
यूरोलॉजिकल कैंसर में लिए गए फ़ैसले जीवन और रोज़मर्रा की ज़िंदगी, दोनों पर सालों तक असर डालते हैं। विशेषज्ञ का ध्यान इन फ़ैसलों को सही बनाने में मदद करता है।
पहले सही स्टेजिंग
जहाँ फ़ैसले पर असर पड़ता है, वहाँ MRI-टार्गेटेड बायोप्सी, CT यूरोग्राफ़ी और PSMA PET का उपयोग होता है, ताकि इलाज बीमारी की असली स्थिति के हिसाब से हो।
ज़रूरत से ज़्यादा इलाज नहीं
कम जोखिम वाले प्रोस्टेट कैंसर और किडनी की छोटी गाँठों में अक्सर नियमित निगरानी ही सबसे सुरक्षित होती है। यह विकल्प हमेशा सामने रखा जाता है।
अंगों का काम बचाने वाली सर्जरी
जब कैंसर पर नियंत्रण की अनुमति हो, तब नर्व-स्पेयरिंग प्रोस्टेटेक्टॉमी, पार्शियल नेफ्रेक्टॉमी और लिंग बचाने वाली सर्जरी की जाती है।
जटिल मामलों में टीम का फ़ैसला
एडवांस मामलों की योजना रेडियोलॉजी, पैथोलॉजी, मेडिकल और रेडिएशन ऑन्कोलॉजी के साथियों के साथ मिलकर बनाई जाती है।
गाइडलाइन के अनुसार योजना
सलाह EAU और NCCN की मौजूदा गाइडलाइन के अनुसार होती है, और हर मरीज़ की उम्र, सेहत और प्राथमिकताओं के हिसाब से ढाली जाती है।
लगातार फ़ॉलो-अप
लिखित निगरानी शेड्यूल, हर रिपोर्ट की समीक्षा, और पेशाब पर नियंत्रण व यौन क्षमता की रिकवरी में मदद।
प्रशिक्षण और उपलब्धियाँ
भारत और यूरोप में मान्यता प्राप्त फ़ेलोशिप, लंदन में क्लिनिकल ऑब्ज़र्वरशिप, और अकादमिक पुरस्कार।
USI मान्यता प्राप्त फ़ेलोशिप
यूरो-ऑन्कोलॉजी और रोबोटिक सर्जरी · मेदांता, द मेडिसिटी
EAU मान्यता प्राप्त फ़ेलोशिप
रोबोटिक यूरो-ऑन्कोलॉजी · फ़ुंडासियो पुइगवर्ट, बार्सिलोना, स्पेन
ASU प्रतीक्षा गोल्ड मेडल
सर्वश्रेष्ठ आउटगोइंग यूरोलॉजी रेज़िडेंट · साउथ ज़ोन
EUSP स्कॉलरशिप
यूरोपियन एसोसिएशन ऑफ़ यूरोलॉजी · एडवांस्ड ट्रेनिंग सम्मान
Best of EAU 2023
एब्स्ट्रैक्ट प्रस्तुति · यूरोपियन एसोसिएशन ऑफ़ यूरोलॉजी कॉन्फ़्रेंस
कई पुरस्कृत प्रस्तुतियाँ
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ़्रेंस
बिना यात्रा किए परामर्श लें
यूरोलॉजिकल कैंसर के कई फ़ैसले रिपोर्ट देखकर शुरू हो सकते हैं। वीडियो परामर्श से दूसरे ज़िलों और शहरों के मरीज़ डॉ. सिंह से बात कर सकते हैं, और यात्रा तभी करनी पड़ती है जब जाँच या सर्जरी की ज़रूरत हो।
Uro-Onco Connect
Uro-Onco Connect वह तरीका है जिससे डॉ. अंशुमान सिंह मरीज़ों और परिवारों से जुड़ते हैं: लखनऊ के क्लिनिक में आमने-सामने, या भारत और विदेश में कहीं से भी वीडियो परामर्श से।
रिपोर्ट पहले से भेजी जा सकती हैं, सेकंड ओपिनियन का स्वागत है, और इलाज के बाद फ़ॉलो-अप वीडियो पर जारी रह सकता है।
परामर्श के तरीके (अंग्रेज़ी में)सफल इलाज की कहानियाँ
कठिन मामले, इलाज की योजना कैसे बनी, और आगे क्या हुआ। मरीज़ों की सहमति से साझा। (कहानियाँ अंग्रेज़ी में हैं)
Bilateral Robotic VEIL for Node-Positive Penile Cancer
Both groins treated through small incisions with robotic VEIL, giving accurate staging of node-positive Penile Cancer and a smooth recovery.
Bilateral robotic VEILकहानी पढ़ें (अंग्रेज़ी में)Robotic Cystectomy and Ureterectomy with a Single Functioning Kidney
Two separate cancers, in the bladder and the ureter, removed robotically while protecting the only working kidney. Home on the second day after surgery.
Robotic radical cystectomy and distal ureterectomyकहानी पढ़ें (अंग्रेज़ी में)Robotic Radical Prostatectomy for Locally Advanced Prostate Cancer in a Man in His 80s
Age alone did not decide treatment. A fit man in his 80s chose curative robotic surgery, was walking the next day, and had an undetectable PSA one month later.
Robotic radical prostatectomy with extended lymph node dissectionकहानी पढ़ें (अंग्रेज़ी में)Robotic Radical Cystectomy with Ileal Conduit for Muscle-Invasive Bladder Cancer
Bladder Cancer that had invaded the muscle was removed robotically, with an ileal conduit for urine. Walking the next day, with clear margins and lymph nodes.
Robotic radical cystectomy with ileal conduitकहानी पढ़ें (अंग्रेज़ी में)मरीज़ क्या कहते हैं
डॉ. अंशुमान सिंह से इलाज करा चुके मरीज़ों और परिवारों के अपने शब्दों में (मूल अंग्रेज़ी में)।
I would like to express my heartfelt gratitude to Dr. Anshuman Singh for the exceptional care and expertise he provided during my prostate cancer treatment. From the very beginning, Dr. Singh demonstrated an outstanding level of professionalism and compassion.
Last year on 25th May, 2024, I underwent robotic prostate surgery performed by Dr. Anshuman Singh and I couldn’t be more grateful for the exceptional care and expertise I received. From my very first consultation, Dr. Anshuma took the time to clearly explain my diagnosis, treatment options, and what to expect before, during, and after the surgery.
Dr. Anshuman Singh is an extremely expert and caring doctor. Provided accurate diagnosis and consistent consultations throughout prostate treatment at Medanta. His constant availability and attention made the entire process reliable and comforting.
During my prostat problem in 2024 Doctor Anshuman checked me at Medanta guru gram. I had gone robotics surgery at Medanta. Dr. Anshuman is very talented doctor but more he is a very humble and down to earth personality. Thank you doctor for your good advice and treatment.
I was diagnosed with a tumor in my urinary bladder, and my treatment was done at Medanta Hospital, Gurgaon, under the care of Uro-Oncology specialists Dr. Gagan Gautam and Dr. Anshuman Singh. Today, I am completely tumor-free.
Dr. Anshuman is a competent, patient and dedicated professional who played a reassuring role during a very difficult time. It’s important for a medical professional to practise empathy and I’m glad to see doctors like him value it as deeply as the treatment itself.
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
डॉ. अंशुमान सिंह से परामर्श के बारे में।
यूरो-ऑन्कोलॉजिस्ट किन बीमारियों का इलाज करते हैं?
यूरो-ऑन्कोलॉजिस्ट ऐसे यूरोलॉजिस्ट होते हैं जिन्होंने प्रोस्टेट, किडनी, ब्लैडर, यूरेटर, अंडकोष और लिंग के कैंसर में अलग से प्रशिक्षण लिया हो। वे जाँच, सर्जरी और फ़ॉलो-अप तीनों संभालते हैं।
क्या बुकिंग के लिए किसी डॉक्टर का रेफ़रल ज़रूरी है?
नहीं। आप सीधे ऑनलाइन, WhatsApp या फ़ोन से बुक कर सकते हैं। अगर किसी दूसरे डॉक्टर ने भेजा है, तो रेफ़रल पत्र और रिपोर्ट साथ लाएँ।
क्या इलाज की योजना पर सेकंड ओपिनियन ले सकते हैं?
हाँ। सेकंड ओपिनियन इलाज से पहले या इलाज के दौरान, क्लिनिक में या वीडियो परामर्श से लिया जा सकता है। रिपोर्ट पहले से भेज दें।
क्या पहली बार के लिए वीडियो परामर्श ठीक है?
अक्सर हाँ, रिपोर्ट देखने और विकल्पों पर बात करने के लिए। सर्जरी से पहले क्लिनिक में जाँच की सलाह दी जा सकती है।
परामर्श किस भाषा में होता है?
हिंदी और अंग्रेज़ी।
मरीज़ों के लिए लेख
आम रिपोर्ट और फ़ैसलों की आसान भाषा में जानकारी, डॉ. सिंह द्वारा लिखी गई।
पेशाब में खून (हीमेच्यूरिया): कब यह कैंसर का संकेत हो सकता है?
पेशाब में खून ब्लैडर और किडनी कैंसर के सबसे आम शुरुआती संकेतों में से एक है। इसके कारण, चेतावनी के संकेत और आमतौर पर ज़रूरी जाँचें।
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कई किडनी कैंसर किडनी को बचाते हुए निकाले जा सकते हैं। पार्शियल और रेडिकल नेफ्रेक्टॉमी के बीच चुनाव कैसे होता है, और रिकवरी कैसी होती है।
पूरा पढ़ेंग्लीसन स्कोर और ग्रेड ग्रुप: प्रोस्टेट बायोप्सी रिपोर्ट आसान भाषा में
ग्लीसन 3+4 या 4+3, ग्रेड ग्रुप 1 से 5, पॉज़िटिव कोर और पेरिन्यूरल इनवेज़न: प्रोस्टेट बायोप्सी रिपोर्ट के हर हिस्से का इलाज के लिए क्या मतलब है।
पूरा पढ़ेंPSA बढ़ा हुआ है: इसका क्या मतलब है और आगे क्या होता है
बढ़ा हुआ PSA आगे जाँच का कारण है, बीमारी का पक्का पता नहीं। कैंसर के अलावा आम कारण, दोबारा जाँच कब करें, और PSA डेंसिटी व MRI से कैसे तय होता है कि बायोप्सी किसे चाहिए।
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अस्पताल में रुकना, कैथेटर की देखभाल, काम और गाड़ी चलाने पर वापसी, पेशाब पर नियंत्रण और इरेक्शन की वापसी, और सर्जरी के बाद पहला PSA क्या दिखाना चाहिए।
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TURBT के बाद BCG किसे चाहिए, हर सेशन कैसे होता है, छह हफ़्ते और मेंटेनेंस का शेड्यूल, आम साइड इफ़ेक्ट, घर पर सावधानियाँ, और BCG काम न करे तो क्या होता है।
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ब्लैडर में दी गई कीमोथेरेपी ब्लैडर कैंसर के लौटने की संभावना कैसे कम करती है, एक खुराक या कोर्स किसे चाहिए, BCG से इसकी तुलना, और साइड इफ़ेक्ट कैसे संभालें।
पूरा पढ़ेंडॉ. अंशुमान सिंह से बात करें
सोमवार से शुक्रवार, चंदन हॉस्पिटल (सुबह 10 – शाम 4) या Uro-Onco Connect, गोमती नगर (शाम 6 – रात 9) में परामर्श लें, या जहाँ भी हों वहाँ से वीडियो कॉल पर।