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प्रोस्टेट कैंसर एक नज़र में

प्रोस्टेट का कटा हुआ चित्र, जिसके एक हिस्से में ट्यूमर है
प्रोस्टेट कैंसर ज़्यादातर ग्रंथि के बाहरी हिस्से से शुरू होता है।

अक्सर कोई लक्षण नहीं

शुरुआती प्रोस्टेट कैंसर में आमतौर पर लक्षण नहीं होते। बढ़ता हुआ PSA अक्सर पहला संकेत होता है।

बायोप्सी से पहले MRI

प्रोस्टेट का MRI तय करने में मदद करता है कि बायोप्सी चाहिए या नहीं, और किस जगह से लेनी है।

हर कैंसर में इलाज ज़रूरी नहीं

कम जोखिम वाले कैंसर में अक्सर एक्टिव सर्विलांस (नियमित निगरानी) ही सबसे अच्छा रास्ता होता है।

अंगों का काम भी ज़रूरी

जब सर्जरी ज़रूरी हो, तो नर्व-स्पेयरिंग रोबोटिक तकनीक पेशाब पर नियंत्रण और इरेक्शन बचाने की कोशिश करती है।

लक्षण और किसे ज़्यादा ख़तरा है

50 साल से ज़्यादा उम्र के पुरुषों में पेशाब की धार कमज़ोर होना या रात में पेशाब के लिए उठना आमतौर पर प्रोस्टेट के सामान्य बढ़ने (BPH) से होता है, कैंसर से नहीं। प्रोस्टेट कैंसर में लक्षण ज़्यादातर तभी आते हैं जब बीमारी आगे बढ़ चुकी हो। यूरोलॉजिस्ट की राय लेना ठीक है अगर:

  • आपका PSA आपकी उम्र के हिसाब से ज़्यादा है, या लगातार बढ़ रहा है
  • रेक्टल जाँच में प्रोस्टेट में गाँठ या सख़्त हिस्सा महसूस हुआ है
  • वीर्य या पेशाब में खून आया है
  • हड्डियों में दर्द, वज़न घटना या पैरों में कमज़ोरी है (ये एडवांस बीमारी के संकेत हो सकते हैं)

जोखिम के कारण

उम्र के साथ प्रोस्टेट कैंसर की संभावना लगातार बढ़ती है। अगर पिता या भाई को प्रोस्टेट कैंसर हुआ हो, तो ख़तरा लगभग दोगुना हो जाता है, और BRCA2 जीन में बदलाव ज़्यादा आक्रामक बीमारी से जुड़ा है। ऐसे पुरुष डॉक्टर से बात करके 45 साल के आसपास से PSA जाँच शुरू कर सकते हैं।

अपनी PSA रिपोर्ट को समझें

PSA एक प्रोटीन है जो प्रोस्टेट की सामान्य और कैंसर वाली, दोनों तरह की कोशिकाएँ बनाती हैं, इसलिए सिर्फ़ एक नंबर से पूरी बात पता नहीं चलती। डॉ. सिंह PSA को इन बातों के साथ मिलाकर देखते हैं:

क्या देखा जाता हैक्यों ज़रूरी है
उम्र के अनुसार सामान्य सीमाउम्र के साथ प्रोस्टेट बड़ा होता है, इसलिए PSA भी अपने-आप थोड़ा बढ़ता है
PSA डेंसिटीPSA को प्रोस्टेट के आकार (वॉल्यूम) से भाग देकर निकाला जाता है। बड़ा सामान्य प्रोस्टेट ज़्यादा PSA बनाता है, इसलिए डेंसिटी अकेले PSA से बेहतर फ़र्क़ बताती है
समय के साथ ट्रेंडएक बार ज़्यादा आने से ज़्यादा मायने लगातार बढ़ने के होते हैं
फ़्री और टोटल PSA का अनुपातकम अनुपात होने पर कैंसर की संभावना थोड़ी बढ़ जाती है
अस्थायी कारणइन्फ़ेक्शन, हाल में लगा कैथेटर, या जाँच से 48 घंटे पहले वीर्यपात या साइकिल चलाना PSA बढ़ा सकता है

अस्थायी कारणों को हटाकर दोबारा जाँच कराना अक्सर सही पहला कदम होता है। अगर आपकी MRI या अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में प्रोस्टेट का वॉल्यूम लिखा है, तो आप अपनी PSA डेंसिटी निकाल सकते हैं (कैलकुलेटर अंग्रेज़ी में)।

बीमारी की पहचान कैसे होती है

मल्टीपैरामीट्रिक MRI

अब किसी भी बायोप्सी से पहले प्रोस्टेट का MRI कराने की सलाह दी जाती है। इसकी रिपोर्ट में 1 से 5 तक का PI-RADS स्कोर होता है। 4 या 5 स्कोर पर आमतौर पर टार्गेटेड बायोप्सी ज़रूरी होती है, जबकि सामान्य MRI और कम PSA डेंसिटी होने पर कई बार बायोप्सी की ज़रूरत ही नहीं पड़ती।

ट्रांसपेरिनियल बायोप्सी

इसमें सैंपल मलद्वार (रेक्टम) से नहीं, बल्कि अंडकोष की थैली और मलद्वार के बीच की त्वचा से लिए जाते हैं। इस तरीके में गंभीर इन्फ़ेक्शन का ख़तरा बहुत कम होता है और प्रोस्टेट के अगले हिस्से से सैंपल बेहतर मिलते हैं। MRI में दिखे हिस्से से टार्गेटेड सैंपल और बाक़ी ग्रंथि से सिस्टमैटिक सैंपल, दोनों लिए जाते हैं।

स्टेजिंग स्कैन

मध्यम और ज़्यादा जोखिम वाले कैंसर में PSMA PET-CT लिम्फ नोड्स या हड्डियों तक फैलाव पकड़ने की सबसे संवेदनशील जाँच है। जहाँ PSMA PET उपलब्ध न हो, वहाँ CT के साथ बोन स्कैन किया जा सकता है।

ग्रेड ग्रुप और रिस्क ग्रुप

पैथोलॉजिस्ट कैंसर को ग्लीसन स्कोर से ग्रेड करते हैं, जिसे ISUP ग्रेड ग्रुप 1 (सबसे कम आक्रामक) से 5 (सबसे ज़्यादा आक्रामक) में बदला जाता है।

ग्रेड ग्रुपग्लीसन स्कोरइसका मतलब
13 + 3 = 6धीरे बढ़ने वाला; बहुत कम फैलता है
23 + 4 = 7ज़्यादातर कम ग्रेड, थोड़ा हिस्सा आक्रामक
34 + 3 = 7ज़्यादातर आक्रामक पैटर्न
48हाई ग्रेड
59 या 10सबसे ऊँचा ग्रेड

ग्रेड ग्रुप, PSA और क्लिनिकल स्टेज को मिलाकर रिस्क ग्रुप तय होता है, जिससे इलाज की दिशा तय होती है:

रिस्क ग्रुपआम पहचानआमतौर पर किन विकल्पों पर बात होती है
कम (Low)ग्रेड ग्रुप 1, PSA 10 से कम, कैंसर प्रोस्टेट तक सीमितएक्टिव सर्विलांस
अनुकूल मध्यम (Favourable intermediate)ग्रेड ग्रुप 2, सीमित बीमारीचुने हुए मरीज़ों में सर्विलांस, रोबोटिक प्रोस्टेटेक्टॉमी या रेडिएशन
प्रतिकूल मध्यम (Unfavourable intermediate)ग्रेड ग्रुप 3, या कई मध्यम लक्षणरोबोटिक प्रोस्टेटेक्टॉमी, या कुछ समय की हार्मोन थेरेपी के साथ रेडिएशन
ज़्यादा (High)ग्रेड ग्रुप 4–5, PSA 20 से ज़्यादा, या कैंसर कैप्सूल से बाहरमल्टीमोडल इलाज के हिस्से के रूप में सर्जरी, या लंबी हार्मोन थेरेपी के साथ रेडिएशन
फैला हुआ (Metastatic)लिम्फ नोड्स या हड्डियों तक फैलावनई दवाओं के साथ हार्मोन थेरेपी, कीमोथेरेपी या PSMA-टार्गेटेड थेरेपी

अपना रिस्क ग्रुप देखें या CAPRA स्कोर निकालें (कैलकुलेटर अंग्रेज़ी में)।

इलाज के विकल्प

एक्टिव सर्विलांस (नियमित निगरानी)

कम जोखिम वाले कैंसर में एक्टिव सर्विलांस का मतलब है नियमित PSA जाँच, दोबारा MRI, और ज़रूरत पड़ने पर दोबारा बायोप्सी। इलाज तभी किया जाता है जब कैंसर में बदलाव के संकेत दिखें। लंबे अध्ययनों से पता चला है कि सही मरीज़ों के लिए यह तरीका तुरंत इलाज जितना ही सुरक्षित है, और कई मरीज़ सर्जरी या रेडिएशन के साइड इफ़ेक्ट से बच जाते हैं।

रोबोटिक रेडिकल प्रोस्टेटेक्टॉमी

छोटे चीरों (कीहोल) से प्रोस्टेट और सेमिनल वेसिकल्स निकाले जाते हैं, और फैलाव का ख़तरा हो तो पेल्विस के लिम्फ नोड्स भी। यह उन पुरुषों के लिए ठीक है जिनकी जीवन-प्रत्याशा अच्छी है और जिनका कैंसर प्रोस्टेट तक या उसके ठीक बाहर तक सीमित है।

रेडिएशन थेरेपी

बाहरी रेडियोथेरेपी, जो मध्यम और ज़्यादा जोखिम वाली बीमारी में आमतौर पर कुछ समय की हार्मोन थेरेपी के साथ दी जाती है, सही मरीज़ों में सर्जरी जितना ही कैंसर नियंत्रण देती है। इसके साइड इफ़ेक्ट अलग होते हैं, जो पेशाब के नियंत्रण से ज़्यादा ब्लैडर और आँतों पर असर डालते हैं।

फैला हुआ (एडवांस) कैंसर

जब कैंसर फैल चुका हो, तो पूरे शरीर का इलाज होता है: नई हार्मोनल दवाओं के साथ हार्मोन थेरेपी, कीमोथेरेपी, या PSMA-टार्गेटेड रेडियोलिगैंड थेरेपी, जिसकी योजना मेडिकल ऑन्कोलॉजी के साथ मिलकर बनती है।

सर्जरी या रेडिएशन? सीमित (लोकलाइज़्ड) बीमारी में दोनों से लगभग बराबर कैंसर नियंत्रण मिलता है। चुनाव उम्र, पेशाब की तकलीफ़, आँतों की सेहत, पेट की पिछली सर्जरी और आपकी अपनी प्राथमिकताओं पर निर्भर करता है, और फ़ायदे-नुकसान पर खुलकर बात करने के बाद ही किया जाता है।

रोबोटिक प्रोस्टेटेक्टॉमी में क्या उम्मीद करें

  • सर्जरी से पहले: कुछ हफ़्ते पहले से पेल्विक फ़्लोर (कीगल) व्यायाम शुरू किए जाते हैं, जिससे पेशाब पर नियंत्रण जल्दी लौटता है।
  • नर्व-स्पेयरिंग: इरेक्शन की नसें प्रोस्टेट की सतह पर होती हैं; जब कैंसर अनुमति दे, तो इन्हें एक या दोनों तरफ़ बचाया जाता है।
  • अस्पताल में रुकना: ज़्यादातर पुरुष सर्जरी वाले दिन ही चलने लगते हैं और 2–3 दिन में घर चले जाते हैं।
  • कैथेटर: ब्लैडर और मूत्रनली का जोड़ भरने तक लगभग 7–10 दिन पेशाब की नली (कैथेटर) लगी रहती है।
  • पेशाब पर नियंत्रण: ज़्यादातर पुरुषों में कुछ हफ़्तों से कुछ महीनों में नियंत्रण लौट आता है; कुछ ही लोगों को आगे इलाज की ज़रूरत पड़ती है।
  • इरेक्शन: लौटने में एक से दो साल लग सकते हैं, और दवाओं व अन्य इलाज से मदद की जाती है।

रोबोटिक सर्जरी के बारे में और जानें · रोबोटिक प्रोस्टेटेक्टॉमी के बाद रिकवरी: हफ़्ते-दर-हफ़्ते गाइड

फ़ॉलो-अप और रिकवरी

सर्जरी के बाद लगभग छह हफ़्तों में PSA इतना कम हो जाना चाहिए कि पकड़ में न आए। फिर पहले कुछ साल हर तीन से छह महीने, और उसके बाद हर साल जाँच होती है। रेडिएशन के बाद PSA धीरे-धीरे गिरता है और उसकी तुलना उसके सबसे निचले स्तर से की जाती है।

इलाज के बाद PSA का फिर से बढ़ना बायोकेमिकल रिकरेंस कहलाता है। इसका महत्व इस पर निर्भर करता है कि PSA कितना है और कितनी तेज़ी से बढ़ रहा है। अगर PSA डबलिंग टाइम कम हो, तो आमतौर पर PSMA PET स्कैन कराया जाता है और सैल्वेज रेडियोथेरेपी या पूरे शरीर के इलाज पर बात होती है।

हर विज़िट पर पेशाब के नियंत्रण और इरेक्शन को मानक प्रश्नावलियों (IPSS, SHIM और ICIQ) से जाँचा जाता है, ताकि रिकवरी पर नज़र रखी जा सके और मदद की जा सके।

परामर्श के दौरान पूछने लायक सवाल

  1. मेरा ग्रेड ग्रुप, PSA डेंसिटी और रिस्क ग्रुप क्या है?
  2. क्या मेरे लिए एक्टिव सर्विलांस सुरक्षित विकल्प है?
  3. क्या फ़ैसला लेने से पहले PSMA PET स्कैन ज़रूरी है?
  4. हर इलाज के बाद पेशाब पर नियंत्रण और इरेक्शन बने रहने की असल संभावना कितनी है?
  5. क्या नर्व-स्पेयरिंग एक या दोनों तरफ़ हो सकती है?
  6. इलाज के बाद मेरे PSA पर कैसे नज़र रखी जाएगी?

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मेरा PSA ज़्यादा है। क्या इसका मतलब प्रोस्टेट कैंसर है?

ज़रूरी नहीं। प्रोस्टेट का सामान्य बढ़ना, इन्फ़ेक्शन, हाल में लगा कैथेटर या साइकिल चलाना भी PSA बढ़ा सकता है। बायोप्सी का फ़ैसला लेने से पहले आमतौर पर दोबारा जाँच और प्रोस्टेट MRI कराया जाता है।

क्या एक्टिव सर्विलांस का मतलब कैंसर के बढ़ने का इंतज़ार करना है?

नहीं। यह PSA जाँच, MRI और दोबारा बायोप्सी का एक तय कार्यक्रम है, जिसका मक़सद किसी भी बदलाव को जल्दी पकड़ना है। कम जोखिम वाले कैंसर में यह तुरंत इलाज जितना ही सुरक्षित है और बेवजह के साइड इफ़ेक्ट से बचाता है।

ट्रांसपेरिनियल बायोप्सी को बेहतर क्यों माना जाता है?

क्योंकि सुई मलद्वार की बजाय त्वचा से जाती है, गंभीर इन्फ़ेक्शन का ख़तरा बहुत कम होता है, और प्रोस्टेट के अगले हिस्से से सैंपल ज़्यादा भरोसेमंद तरीके से मिलते हैं।

रोबोटिक प्रोस्टेटेक्टॉमी के बाद काम पर कब लौट सकते हैं?

ज़्यादातर पुरुष कैथेटर हटने और ताक़त लौटने के बाद, लगभग तीन से चार हफ़्तों में डेस्क वाले काम पर लौट आते हैं। लगभग छह हफ़्ते भारी वज़न उठाने से बचना चाहिए।

क्या मुझे हार्मोन थेरेपी की ज़रूरत होगी?

मध्यम और ज़्यादा जोखिम वाली बीमारी में हार्मोन थेरेपी आमतौर पर रेडिएशन के साथ दी जाती है, और फैली हुई बीमारी में यही इलाज का आधार है। सफल सर्जरी के बाद आमतौर पर इसकी ज़रूरत नहीं पड़ती।

क्या इलाज तय करने से पहले सेकंड ओपिनियन ले सकते हैं?

हाँ। प्रोस्टेट कैंसर में अक्सर एक से ज़्यादा सही विकल्प होते हैं, और किसी बड़े फ़ैसले से पहले सेकंड ओपिनियन लेना समझदारी है। रिपोर्ट क्लिनिक में या वीडियो परामर्श से देखी जा सकती हैं।

मरीज़ों के अनुभव

डॉ. अंशुमान सिंह से इलाज करा चुके मरीज़ों और परिवारों के अपने शब्दों में (मूल अंग्रेज़ी में)।

“

I would like to express my heartfelt gratitude to Dr. Anshuman Singh for the exceptional care and expertise he provided during my prostate cancer treatment. From the very beginning, Dr. Singh demonstrated an outstanding level of professionalism and compassion.

VK
Vinod Kumar BhatPatient
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Last year on 25th May, 2024, I underwent robotic prostate surgery performed by Dr. Anshuman Singh and I couldn’t be more grateful for the exceptional care and expertise I received. From my very first consultation, Dr. Anshuma took the time to clearly explain my diagnosis, treatment options, and what to expect before, during, and after the surgery.

MG
Malik Girish AnandPatient
“

Dr. Anshuman Singh is an extremely expert and caring doctor. Provided accurate diagnosis and consistent consultations throughout prostate treatment at Medanta. His constant availability and attention made the entire process reliable and comforting.

RC
Radhika ChemicalsPatient

PSA बढ़ा हुआ है या हाल में बीमारी का पता चला है?

आपके PSA के इतिहास, MRI और बायोप्सी की व्यवस्थित समीक्षा से पता चलता है कि आप कहाँ हैं और आपके पास क्या विकल्प हैं।

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