
प्रोस्टेट बायोप्सी के बाद पैथोलॉजी रिपोर्ट में अक्सर अनजाने शब्द होते हैं: Gleason 3+4=7, ISUP Grade Group 2, 12 में से 3 कोर पॉज़िटिव, पेरिन्यूरल इनवेज़न। ये बातें मायने रखती हैं। आपके PSA और MRI के साथ मिलकर ये तय करती हैं कि इलाज चाहिए या नहीं, कौन-सा इलाज, और कितनी जल्दी।
यह गाइड रिपोर्ट के हर हिस्से को आसान भाषा में समझाती है।
ग्लीसन स्कोर क्या है?
माइक्रोस्कोप में पैथोलॉजिस्ट देखते हैं कि कैंसर कोशिकाओं का पैटर्न सामान्य प्रोस्टेट ऊतक से कितना अलग है। हर पैटर्न को 3 (सामान्य के सबसे क़रीब, धीरे बढ़ने वाला) से 5 (सबसे असामान्य, आक्रामक) तक ग्रेड किया जाता है। पैटर्न 1 और 2 अब रिपोर्ट नहीं किए जाते।
ग्लीसन स्कोर दो नंबरों का जोड़ है:
- पहला नंबर वह पैटर्न है जो सबसे ज़्यादा दिखा।
- दूसरा नंबर सबसे ऊँचे ग्रेड का पैटर्न है (या दूसरा सबसे आम)।
यानी 3+4=7 का मतलब है ज़्यादातर पैटर्न 3, और थोड़ा पैटर्न 4।
3+4 और 4+3 एक जैसे क्यों नहीं हैं
दोनों का जोड़ 7 है, लेकिन 4+3=7 में ज़्यादा आक्रामक पैटर्न 4 हावी होता है। यह 3+4=7 से ज़्यादा आक्रामक व्यवहार करता है। इसी वजह से नया ग्रेड ग्रुप सिस्टम लाया गया।
ISUP ग्रेड ग्रुप सिस्टम (1 से 5)
| ग्रेड ग्रुप | ग्लीसन स्कोर | इसका मतलब |
|---|---|---|
| 1 | 3+3 = 6 | लो ग्रेड; बहुत धीरे बढ़ता है; शायद ही फैलता है |
| 2 | 3+4 = 7 | अनुकूल मध्यम; ज़्यादातर लो ग्रेड |
| 3 | 4+3 = 7 | प्रतिकूल मध्यम; ज़्यादातर ऊँचा ग्रेड |
| 4 | 4+4 = 8 (और 3+5, 5+3) | हाई ग्रेड |
| 5 | 9 या 10 | सबसे ऊँचा ग्रेड; सबसे आक्रामक |
ग्रेड ग्रुप समझना आसान है: 1 सबसे कम आक्रामक और 5 सबसे ज़्यादा।
रिपोर्ट की बाक़ी बातें
पॉज़िटिव कोर की संख्या: सामान्य बायोप्सी में लगभग 10–14 सैंपल (कोर) लिए जाते हैं, और MRI में दिखे हिस्से से अतिरिक्त टार्गेटेड कोर। "12 में से 3 कोर पॉज़िटिव" का मतलब है 3 सैंपल में कैंसर मिला।
कोर का कितना हिस्सा या लंबाई शामिल है: हर कोर के कितने हिस्से में कैंसर है। ज़्यादा हिस्सा शामिल होना बड़े ट्यूमर की ओर इशारा कर सकता है।
पैटर्न 4 का प्रतिशत: ग्रेड ग्रुप 2 में पैटर्न 4 का कम प्रतिशत, ज़्यादा प्रतिशत से बेहतर व्यवहार करता है।
क्रिब्रिफ़ॉर्म पैटर्न / इंट्राडक्टल कार्सिनोमा: माइक्रोस्कोप में दिखने वाली ख़ास बातें जो ज़्यादा आक्रामक व्यवहार से जुड़ी हैं। इनके होने पर एक्टिव सर्विलांस सही विकल्प नहीं रह सकता।
पेरिन्यूरल इनवेज़न: प्रोस्टेट के अंदर किसी नस के साथ-साथ कैंसर कोशिकाओं का दिखना। यह आम है और अकेले इसका मतलब यह नहीं कि कैंसर फैल गया है, लेकिन इलाज और सर्जरी की योजना में इसे ध्यान में रखा जाता है।
जगह (बायाँ / दायाँ, टार्गेटेड कोर): सर्जरी की योजना में मदद करती है, जिसमें यह भी शामिल है कि नर्व-स्पेयरिंग संभव है या नहीं।
सब मिलाकर: रिस्क ग्रुप
डॉक्टर ग्रेड ग्रुप, PSA और क्लिनिकल स्टेज (जाँच और MRI से) को मिलाकर कैंसर को एक रिस्क ग्रुप में रखते हैं, जिससे इलाज तय होता है:
| रिस्क ग्रुप | आमतौर पर शामिल | आम तरीका |
|---|---|---|
| कम (Low) | ग्रेड ग्रुप 1, PSA 10 से कम, प्रोस्टेट तक सीमित | आमतौर पर एक्टिव सर्विलांस बेहतर |
| अनुकूल मध्यम | ग्रेड ग्रुप 2, सीमित बीमारी | चुने हुए मामलों में एक्टिव सर्विलांस, या सर्जरी या रेडिएशन |
| प्रतिकूल मध्यम | ग्रेड ग्रुप 3, या कई मध्यम लक्षण | सर्जरी, या कुछ समय की हार्मोन थेरेपी के साथ रेडिएशन |
| ज़्यादा / बहुत ज़्यादा | ग्रेड ग्रुप 4–5, PSA 20 से ज़्यादा, या MRI में कैंसर प्रोस्टेट से बाहर | मल्टीमोडल इलाज के हिस्से के रूप में सर्जरी, या लंबी हार्मोन थेरेपी के साथ रेडिएशन; PSMA PET जैसे स्टेजिंग स्कैन |
संबंधित: PSA डेंसिटी कैलकुलेटर (अंग्रेज़ी में) · प्रोस्टेट MRI
ग्लीसन 6 (ग्रेड ग्रुप 1): क्या इलाज ज़रूरी है?
ग्लीसन 3+3=6 कैंसर वाले कई पुरुषों को तुरंत सर्जरी या रेडिएशन की ज़रूरत नहीं होती। एक्टिव सर्विलांस का मतलब है नियमित PSA जाँच, MRI और ज़रूरत पड़ने पर दोबारा बायोप्सी। इसमें इलाज के साइड इफ़ेक्ट से बचते हुए क़रीबी निगरानी होती है, और कैंसर बढ़ने के संकेत दिखें तो इलाज किया जाता है। ज़्यादातर कम जोखिम वाले कैंसर के लिए यह सुरक्षित और गाइडलाइन में सुझाया गया तरीका है।
क्या सर्जरी के बाद ग्लीसन स्कोर बदल सकता है?
हाँ। बायोप्सी में प्रोस्टेट के सिर्फ़ छोटे हिस्सों से सैंपल लिए जाते हैं। रेडिकल प्रोस्टेटेक्टॉमी के बाद पूरी ग्रंथि की जाँच होती है, और अंतिम ग्रेड बायोप्सी से ऊँचा (अपग्रेडिंग) या कभी-कभी कम निकल सकता है। अंतिम रिपोर्ट में स्टेज, मार्जिन और लिम्फ नोड्स की जानकारी भी होती है, जिनसे फ़ॉलो-अप तय होता है।
संबंधित: प्रोस्टेट कैंसर का इलाज
क्या बायोप्सी स्लाइड की दोबारा समीक्षा करानी चाहिए?
प्रोस्टेट कैंसर की ग्रेडिंग में विशेषज्ञता चाहिए, और अलग-अलग पैथोलॉजिस्ट एक ही स्लाइड को अलग ग्रेड दे सकते हैं। जब इलाज का फ़ैसला, उदाहरण के लिए, ग्रेड ग्रुप 1 और 2 के फ़र्क़ पर टिका हो, तो किसी अनुभवी यूरोपैथोलॉजिस्ट से स्लाइड की सेकंड ओपिनियन समीक्षा फ़ायदेमंद हो सकती है।
संबंधित: सेकंड ओपिनियन
परामर्श
यूरो-ऑन्कोलॉजिस्ट और रोबोटिक सर्जन डॉ. अंशुमान सिंह सोमवार से शुक्रवार यूरो-ऑन्कोलॉजी OPD, चंदन हॉस्पिटल (सुबह 10 – शाम 4) और Uro-Onco Connect, गोमती नगर (शाम 6 – रात 9) में मरीज़ देखते हैं, और वीडियो परामर्श भी देते हैं। रिपोर्ट और स्कैन पहले से भेजे जा सकते हैं। परामर्श बुक करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या ग्लीसन 6 प्रोस्टेट कैंसर गंभीर है?
ग्लीसन 6 (ग्रेड ग्रुप 1) सबसे कम ग्रेड है और शायद ही जानलेवा होता है। ज़्यादातर पुरुषों को तुरंत इलाज की बजाय एक्टिव सर्विलांस से सुरक्षित रूप से संभाला जा सकता है।
ग्लीसन 3+4 और 4+3 में क्या फ़र्क़ है?
दोनों का जोड़ 7 है, लेकिन 4+3 में ज़्यादा आक्रामक पैटर्न 4 हावी होता है। 3+4 ग्रेड ग्रुप 2 है; 4+3 ग्रेड ग्रुप 3 है और इसमें आमतौर पर सक्रिय इलाज की ज़रूरत होती है।
अच्छा ग्लीसन स्कोर कौन-सा है?
जितना कम, उतना बेहतर। ग्लीसन 6 (ग्रेड ग्रुप 1) अभी रिपोर्ट होने वाला सबसे कम ग्रेड है।
"ISUP ग्रेड ग्रुप" का क्या मतलब है?
यह इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ़ यूरोलॉजिकल पैथोलॉजी का 1 से 5 वाला ग्रेडिंग सिस्टम है, जो ग्लीसन स्कोर को आसान बनाता है। 1 सबसे कम आक्रामक और 5 सबसे ज़्यादा।
क्या पेरिन्यूरल इनवेज़न का मतलब है कि कैंसर फैल गया है?
नहीं। इसका मतलब है कि प्रोस्टेट के अंदर किसी नस के साथ कैंसर दिखा है। योजना में इसे ध्यान में रखा जाता है, लेकिन अकेले इससे प्रोस्टेट के बाहर फैलाव का पता नहीं चलता।
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है; यह डॉक्टर से व्यक्तिगत परामर्श का विकल्प नहीं है।