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प्रोस्टेट का कटा हुआ चित्र, जिसके एक हिस्से में ट्यूमर है
प्रोस्टेट कैंसर ज़्यादातर ग्रंथि के बाहरी हिस्से से शुरू होता है।

PSA (प्रोस्टेट-स्पेसिफ़िक एंटीजन) एक प्रोटीन है जो प्रोस्टेट बनाता है। खून की जाँच से पता चलता है कि खून में यह कितना है। PSA बढ़ा होना मरीज़ों को यूरोलॉजिस्ट के पास भेजे जाने के सबसे आम कारणों में से एक है, और इससे चिंता होना स्वाभाविक है।

सबसे पहले यह जानना ज़रूरी है: PSA बढ़ा होना कैंसर का पक्का पता नहीं है। PSA बढ़े हुए ज़्यादातर पुरुषों को प्रोस्टेट कैंसर नहीं होता। PSA सिर्फ़ यह बताता है कि प्रोस्टेट में कुछ ऐसा है जिसे ध्यान से देखना चाहिए; आगे की जाँचें बताती हैं कि वह क्या है।

"बढ़ा हुआ" किसे मानें?

सामान्य और असामान्य को अलग करने वाला कोई एक नंबर नहीं है। अक्सर 4 ng/mL से ज़्यादा को बढ़ा हुआ माना जाता है, लेकिन उम्र और प्रोस्टेट के आकार के साथ PSA अपने-आप बढ़ता है, इसलिए एक ही नंबर का मतलब अलग-अलग पुरुषों के लिए अलग होता है। मोटे तौर पर उम्र के अनुसार अक्सर इस्तेमाल होने वाली ऊपरी सीमाएँ:

उम्रआमतौर पर सामान्य सीमा में
40–49लगभग 2.5 ng/mL तक
50–59लगभग 3.5 ng/mL तक
60–69लगभग 4.5 ng/mL तक
70–79लगभग 6.5 ng/mL तक

कई जाँचों में लगातार बढ़ता ट्रेंड भी किसी एक नंबर जितना ही मायने रखता है।

कैंसर के अलावा PSA बढ़ने के आम कारण

  • प्रोस्टेट का बढ़ना (BPH): बड़ी ग्रंथि ज़्यादा PSA बनाती है। यह सबसे आम कारण है।
  • पेशाब या प्रोस्टेट का इन्फ़ेक्शन (प्रोस्टेटाइटिस): कई हफ़्तों तक PSA को काफ़ी बढ़ा सकता है।
  • हाल में वीर्यपात: एक-दो दिन के लिए PSA थोड़ा बढ़ा सकता है।
  • ज़्यादा साइकिल चलाना या लंबी सवारी: प्रोस्टेट के आसपास दबाव से।
  • हाल में लगा कैथेटर, सिस्टोस्कोपी या पेशाब का रुक जाना।
  • हाल में हुई प्रोस्टेट बायोप्सी या सर्जरी।

डॉक्टर की हल्की रेक्टल जाँच से आमतौर पर रीडिंग पर ख़ास असर नहीं पड़ता।

क्या जाँच दोबारा करानी चाहिए?

अक्सर हाँ। अगर PSA थोड़ा ही बढ़ा है, या इन्फ़ेक्शन की कोई संभावना है, तो इन्फ़ेक्शन का इलाज करके आमतौर पर 6 से 8 हफ़्ते बाद जाँच दोहराई जाती है। दोबारा जाँच के लिए:

  • जाँच से 48 घंटे पहले तक वीर्यपात से बचें।
  • जाँच से 48 घंटे पहले तक साइकिल चलाने और भारी व्यायाम से बचें।
  • हो सके तो उसी लैब में जाँच कराएँ, ताकि नतीजों की तुलना हो सके।

दोबारा जाँच में PSA कम आना तसल्ली देने वाला है, हालाँकि डॉक्टर फिर भी फ़ॉलो-अप की सलाह दे सकते हैं।

संबंधित: प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण

PSA कम करने वाली दवाएँ

फ़िनास्टेराइड और ड्यूटास्टेराइड, जो प्रोस्टेट बढ़ने या बाल झड़ने के लिए दी जाती हैं, 6 से 12 महीने लेने के बाद PSA को लगभग आधा कर देती हैं। ये दवाएँ लेने वाले पुरुष में 2.5 का PSA लगभग 5 जैसा माना जाता है। अगर आप ये दवाएँ लेते हैं, तो डॉक्टर को ज़रूर बताएँ।

आगे की जाँच: PSA डेंसिटी और फ़्री PSA

दो आसान माप यह तय करने में मदद करते हैं कि बढ़ा हुआ PSA कितना चिंताजनक है:

PSA डेंसिटी यानी PSA को प्रोस्टेट के वॉल्यूम (अल्ट्रासाउंड या MRI से) से भाग देना। बड़ा प्रोस्टेट ज़्यादा PSA बनाता है, इसलिए डेंसिटी आकार के हिसाब से सुधार करती है। लगभग 0.15 ng/mL/cc से ज़्यादा डेंसिटी ज़्यादा संदेहजनक है और बायोप्सी तय करने वाली बातों में से एक है।

फ़्री और टोटल PSA का अनुपात खून में खुले घूमने वाले PSA की तुलना कुल PSA से करता है। फ़्री PSA का कम प्रतिशत कैंसर की ज़्यादा संभावना से जुड़ा है। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से 4 से 10 के बीच के PSA में होता है।

संबंधित: PSA डेंसिटी कैलकुलेटर (अंग्रेज़ी में)

बायोप्सी से पहले प्रोस्टेट MRI

आजकल बायोप्सी का फ़ैसला लेने से पहले आमतौर पर प्रोस्टेट का मल्टीपैरामीट्रिक MRI कराया जाता है। संदिग्ध हिस्सों को 1 से 5 के PI-RADS स्कोर से आँका जाता है:

PI-RADSक्या संकेत देता है
1–2गंभीर कैंसर की संभावना कम
3अनिश्चित; PSA डेंसिटी और दूसरी बातों से फ़ैसला होता है
4–5गंभीर कैंसर की संभावना ज़्यादा; टार्गेटेड बायोप्सी की सलाह

अगर MRI तसल्ली देने वाला (PI-RADS 1–2) हो और PSA डेंसिटी कम हो, तो कई पुरुष सुरक्षित रूप से बायोप्सी से बच सकते हैं और PSA की निगरानी जारी रख सकते हैं। जब बायोप्सी ज़रूरी हो, तो MRI ठीक-ठीक बताता है कि सैंपल कहाँ से लेना है।

संबंधित: प्रोस्टेट MRI और जाँच

अगर बायोप्सी ज़रूरी हो

प्रोस्टेट बायोप्सी में जाँच के लिए ऊतक के छोटे सैंपल लिए जाते हैं। ट्रांसपेरिनियल तरीके में, जिसमें सुई अंडकोष की थैली और मलद्वार के बीच की त्वचा से जाती है, पुराने ट्रांसरेक्टल तरीके से इन्फ़ेक्शन का ख़तरा कम होता है और MRI में दिखे हिस्सों से सटीक सैंपल मिलते हैं। यह आमतौर पर डे-केयर प्रक्रिया होती है।

बायोप्सी रिपोर्ट में ग्लीसन स्कोर और ग्रेड ग्रुप होता है, जिसे PSA और MRI के साथ मिलाकर तय होता है कि इलाज की ज़रूरत है या नहीं। कम ग्रेड कैंसर वाले कई पुरुषों का तुरंत इलाज की बजाय एक्टिव सर्विलांस से ध्यान रखा जाता है।

संबंधित: ग्लीसन स्कोर आसान भाषा में · प्रोस्टेट कैंसर के रिस्क ग्रुप

यूरो-ऑन्कोलॉजिस्ट को कब दिखाएँ

  • PSA आपकी उम्र की सीमा से ज़्यादा है, या दोबारा जाँच में बढ़ रहा है
  • MRI में PI-RADS 3, 4 या 5 का हिस्सा दिखा है
  • बायोप्सी रिपोर्ट में प्रोस्टेट कैंसर आया है और इलाज के विकल्पों पर बात करनी है
  • परिवार में प्रोस्टेट, ब्रेस्ट या ओवरी का कैंसर रहा है, या BRCA जीन में बदलाव पता है, तो PSA जाँच कब शुरू करें यह तय करने के लिए

परामर्श

यूरो-ऑन्कोलॉजिस्ट और रोबोटिक सर्जन डॉ. अंशुमान सिंह सोमवार से शुक्रवार यूरो-ऑन्कोलॉजी OPD, चंदन हॉस्पिटल (सुबह 10 – शाम 4) और Uro-Onco Connect, गोमती नगर (शाम 6 – रात 9) में मरीज़ देखते हैं, और वीडियो परामर्श भी देते हैं। PSA रिपोर्ट और MRI स्कैन पहले से भेजे जा सकते हैं। परामर्श बुक करें।


अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या PSA ज़्यादा होने का मतलब प्रोस्टेट कैंसर है?

नहीं। PSA बढ़े हुए ज़्यादातर पुरुषों को कैंसर नहीं होता। प्रोस्टेट का बढ़ना और इन्फ़ेक्शन आम कारण हैं। आगे की जाँचें, आमतौर पर दोबारा PSA और MRI, बताती हैं कि बायोप्सी चाहिए या नहीं।

कितना PSA ख़तरनाक है?

कोई एक नंबर नहीं है। PSA को उम्र, प्रोस्टेट के आकार (PSA डेंसिटी), समय के साथ ट्रेंड और MRI के साथ मिलाकर देखा जाता है। बहुत ज़्यादा PSA, जैसे 20 से ऊपर, की जल्दी जाँच ज़रूरी है।

क्या इन्फ़ेक्शन से PSA बढ़ सकता है?

हाँ। पेशाब या प्रोस्टेट का इन्फ़ेक्शन PSA को काफ़ी बढ़ा सकता है। इन्फ़ेक्शन के इलाज के 6 से 8 हफ़्ते बाद आमतौर पर जाँच दोहराई जाती है।

क्या बायोप्सी से बचा जा सकता है?

अक्सर हाँ। अगर MRI तसल्ली देने वाला (PI-RADS 1–2) हो और PSA डेंसिटी कम हो, तो कई पुरुष बायोप्सी की बजाय सुरक्षित रूप से PSA की निगरानी जारी रख सकते हैं।

क्या PSA जाँच से पहले फ़िनास्टेराइड बंद कर दूँ?

नहीं, लेकिन डॉक्टर को बताएँ कि आप यह ले रहे हैं। फ़िनास्टेराइड और ड्यूटास्टेराइड PSA को लगभग आधा कर देती हैं, इसलिए नतीजा देखते समय इसका हिसाब रखा जाता है।


यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है; यह डॉक्टर से व्यक्तिगत परामर्श का विकल्प नहीं है।

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